There will be physical distress, if Ketu be in the 2nd or the 7th from the Ascendant. Remedial measure to obtain relief from the above evil effects and to regain enjoyments of life by the beneficence of Ketu is giving a goat in charity.
तथाष्टमे व्यये केतौ दायेशद्वा तथैव च । अपमृत्युभयं चैव कुत्सितान्नस्य भोजनम् ।।20।। शीतज्वरातिसारश्च व्रणचौरादि पीडनम् । दारपुत्र वियोगश्च जनानां भवति धुवम् ।।21।। दवितीय द्यूनराशिस्थे देहपीडा भविष्यति । छागदानं प्रकूर्वीति द्यपमृत्युनिवारणम् ।।22।। इसी तरह लग्न या दशापति से 8.12 में केतु हो तो अपमृत्यु क मय, खराब मोजन, शीत ज्वरादि से पीड़ा, त्रणादि योग, स्त्री-पुत्रादि का वियोग होता है । यदि केतु 2.7 मेँ हो तो शरीर कष्ट होता है । एतदर्थ मेव दान-करना चाहिए ।
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