Bṛhat Parāśara Horā Śāstra
Chapter 25 · athā'prakāśagrahaphalādhyāyaḥ · अथाऽप्रकाशग्रहफलाध्यायः · Verse 34
Sanskrit · DevanāgarīBṛhat Parāśara Horā Śāstra manuscript tradition
पुत्रान्वितः सुखी कान्तो धनाढयो लौल्यवर्जितः ।
परिधौ धर्मगे मानी स्वल्पसन्तुष्टमानसः
IAST Transliteration
putrānvitaḥ sukhī kānto dhanāḍhayo laulyavarjitaḥ | paridhau dharmage mānī svalpasantuṣṭamānasaḥ
TranslationsTwo-source verified
English

If Paridhi is in the 9th, the native will be endowed with sons, be happy, brilliant, very affluent, be devoid of excessive passion, be honourable and be happy with even an iota.

Hindi

परिवेष (परिधि) का द्वादशभाव-फल: (1) लग्नस्थ परिवेष हो तो विद्वान्‌, सत्य-प्रिय, शान्त, धनी, पुत्रवान्‌, पवित्र-आचरण करने वाला, दानी, गुरु का प्रिय होता है। (2) द्वितीयस्थ परिवेष से राजा या राज-तुल्य, रूपवान्‌, भोगवान्‌, सुखी, धर्म-परायण, स्वामी अर्थात्‌ अधिकारी या मालिक या समर्थ होता है। (3) तृतीयस्थ परिवेष से स्त्रियों का प्यारा, सुन्दर-शरीर वाला, देवताओं का भक्त, नौकरी करने वाला, गुरु-भक्ति-युक्त होता है। (4) चतुर्थस्थ परिवेष से भ्रमित-सा रहने वाला, शत्रुओं का भी उपकारक, क्रूरता-रहित, संगीतज्ञ होता है। (5) पञ्चमस्थ परिधि से धनी, चरित्रवान्‌, प्रिय-दर्शन, धर्म-प्रिय, प्रिय-भाषी, व स्त्रियों का प्यारा होता है। (6) षष्ठस्थ परिधि से धनी व पुत्रवान्‌, भोगवान्‌, सब प्राणियों के हित में रत, शत्रु-नाशक होता है। (7) सप्तमस्थ परिधि से कम-सन्तान वाला, सुख-हीन, मन्द-बुद्धि, कठोर-हृदय, बीमार-स्त्री वाला होता है। (8) अष्टमस्थ परिवेष से मनुष्य अध्यात्म-विषयों का विचारक, शान्त, मजबूत-शरीर वाला, पक्के-वचन वाला, धार्मिक, सत्त्व-गुणी होता है। (9) नवमस्थ परिवेष से पुत्रवान्‌, सुखी, सुन्दर, थोड़े से ही सन्तुष्ट रहने वाला, धनी, चञ्चलता से रहित, स्वाभिमानी होता है। (10) दशमस्थ परिवेष से कलाकार, भोगवान्‌, दृढ-शरीर वाला, ईर्ष्या-रहित, सब शास्त्रों के अर्थ को जानने वाला होता है। (11) एकादशस्थ परिवेष से स्त्री-भोगी, गुणवान्‌, बुद्धिमान्‌, सब लोगों का प्रिय, पाचन-शक्ति में कमी वाला होता है। (12) द्वादशस्थ परिवेष से सदैव खर्च करने वाला, दुःखी, दुष्ट-बुद्धि, गुरुओं की निन्दा करने वाला होता है।

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse