One born in Yuga yoga is a heretic. He is devoid of wealth, discarded by others, and devoid of sons, mother, and virtues.
वीणा योग में गान, नृत्य, वाद्य प्रिय, शास्त्रपरायण, मित्रों वाले, सुन्दर वचन बोलने वाले, सुखी, अनेक नौकरों वाले होते हैं। दाम योग में सज्जनों का उपकार करने वाले, नीति धन से युक्त, मुखिया या स्वामी, अनेक सुतों व धन से युक्त, धीर, विद्वान् होते हैं। पाश योग में बन्धन या दबाव पाने वाले, काम में सदा तत्पर, बहुत फैलाव करने वाले, बहुभाषी, शीलरहित, अनेक नौकरों वाले होते हैं। केदार योग में अनेक लोगों का उपकार करने वाले या बहुजनोपयोगी वस्तु निर्माता, कृषक, सत्यवादी, सुखी, चंचल स्वभाव व धनी होते हैं। शूल योग में तीक्ष्ण स्वभाव, आलसी, धनरहित, हिंसक, शूरवीर, प्रायः बहिष्कृत, संग्राम में विशेष यश पाने वाले, क्रोधी होते हैं। युग योग में पाखण्डी, धनरहित, बहिष्कृत, पुत्र, सम्मान व धर्म से रहित होते हैं। गोल योग में दरिद्र, आलसी, विद्या व ज्ञान से रहित, मलिन स्वभाव, सदा दुःखी रहने वाले होते हैं।
Yuga yoga effect: heretic, devoid of wealth, discarded by others, devoid of sons, mother, and virtues.
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