Sanskrit · DevanāgarīBṛhat Parāśara Horā Śāstra manuscript tradition
मेषे तु शस्त्रसंघातो वृषे तु कलहो भवेत् ।
मिथुने सुखमाप्नोति मिथुनांशे फलं त्विदम्
IAST Transliteration
meṣe tu śastrasaṃghāto vṛṣe tu kalaho bhavet |
mithune sukhamāpnoti mithunāṃśe phalaṃ tvidam
Translations
Hindi
वृषभे धनलाभः स्यान्मेषे तु ज्वरसम्भवः ।। 6 ।। मीने तु मातुलप्रीतिः कुम्भे शत्रुविवर्धनम् । मकरे चोरतो भीतिश्चापे विद्याविवर्धनम् ।। 7 ।। मेषे तु शस्त्रसंघातो वृषे तु कलहो भवेत् । मिथुने सुखमाप्नोति मिथुनांशे फलं त्विदम् ।। 8 ।। मिथुनांश में जन्म हो तो वृष राशि दशा में धन लाभ, मेष में ज्वरादि रोग पीडा, मीन दशा में मामापक्ष से स्नेह, कुम्भ दशा में शत्रु वृदिध, मकर दशा में चोरों से भय, धनु दशा में विद्यावृदिध, मेष दशा में शस्त्र की चोट, वृष दशा में कलह व मिथुन दशा में सुख होता है ।
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