Bṛhat Parāśara Horā Śāstra
Chapter 65 · atha kālacakranavāṃśadaśāphalādhyāyaḥ · अथ कालचक्रनवांशदशाफलाध्यायः · Verse 5
Sanskrit · DevanāgarīBṛhat Parāśara Horā Śāstra manuscript tradition
तुलभे राजपूजा च कन्यायां शत्रुतो भयम् ।
कर्के पत्नीजने कष्टं सिंहभे नेत्रपीडनम्
IAST Transliteration
tulabhe rājapūjā ca kanyāyāṃ śatruto bhayam | karke patnījane kaṣṭaṃ siṃhabhe netrapīḍanam
Translations
Hindi

मकरे पापकर्माणि कुम्भे वाणिज्यतो धनम्‌ । मीने सर्वर्थसिदिधश्च वृश्चिके वह्नितो भयम्‌ ।। 4 ।। तुलभे राजपूजा च कन्यायां शत्रुतो भयम्‌ । कके पत्नीजने कष्टं सिंहभे नेत्रपीडनम्‌ ।। 5 ।। मिथुने विषतो भीतिर्वृषस्य नवमांशके । वृषांश में जन्म हो तो मकर में पापकर्म, कुम्भ दशा में व्यापार से धन लाभ, मीन दशा में सब मनोरथों की सिदिध, वृश्चिक दशा में अग्नि भय, तुला दशा में राज सम्मान, कन्या दशा में शत्रु से भय, कर्क दशा में पत्नी आदि को कष्ट, सिंह दशा में नेत्र पीडा, मिथुन दशा में विष भय होता है ।

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