Sanskrit · DevanāgarīBṛhat Parāśara Horā Śāstra manuscript tradition
वृश्चिके च पितुः कष्टं चापे ज्ञानधनागमः ।
मकरे त्वयशो लोके कुम्भे वाणिज्यतः क्षतिः
IAST Transliteration
vṛścike ca pituḥ kaṣṭaṃ cāpe jñānadhanāgamaḥ |
makare tvayaśo loke kumbhe vāṇijyataḥ kṣatiḥ
Translations
Hindi
कर्कटे सुखमाप्नोति सिंहे भूपालतो भयम् । कन्यायां बन्धुतः सौख्यं तुलभे कीर्तिमाप्नुयात् ।। 9 ।। वृश्चिके च पितुः कष्टं चापे ज्ञानधनागमः । मकरे त्वयशो लोके कुम्भे वाणिज्यतः क्षतिः ।। 10 ।। मीने सुखमवाप्नोति कर्कांशे फलमीदृशम् । कर्कांश में कर्क दशा में सुख, सिंह दशा में राजभय, कन्या दशा में बन्धुओं से सुख, तुला दशा में कीर्ति, वृश्चिक दशा में पिता को कष्ट या पिता से कष्ट, धनु दशा में ज्ञानप्राप्ति, मकर दशा में बदनामी, कुम्भ दशा में व्यापार में हानि तथा मीन दशा में सुख होता है ।
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