Effects like acquisition of a kingdom (attainment of high position in government), gain of clothes, ornaments, wealth, grains, conveyances, cattle and position, happiness from son and friends etc., gains specially of a blue coloured horse, journey to the West, audience with the king and receipt of wealth from him, will be derived in the Antardasa of Saturn in the Dasa of Jupiter, if Saturn be in his sign of exaltation, in his own sign, kendra or trikona endowed with strength.
शनि अन्तर्दशा फल :- जीवस्यान्तगति मन्दे स्वोच्चे स्वक्षेत्रमित्रभे । लग्नात्केनद्रत्रिकोणस्थे लाभे वा बलसंयुते ।।8।। राज्यलाभे महत्सौख्यं वस्त्राभरण. संयुतम् । धनधान्यादि लाभश्च स्त्रीलाभो बहुसौख्यकृत् ।।9।। वाहनाम्बर पश्वादि भूलाभः स्थानलाभकृत् । पुत्रमित्रादिसौख्यं च नरवाहनयोगकृत् ।।10।। नीलवस्त्रादिलाभश्च नीलाश्वं लभते च सः । पश्चिमां दिशमाश्रित्य प्रयाणं राजदर्शनम् ।।11।। अनेकयानलाभं च निर्दिशेन्मन्दभुक्तिषु ।। गुरु दशा मं शनि का अन्तर हो ओर शनि स्वोच्चराशि, स्वक्षेत्र यामितरक्षत्र मँ लग्न से कनद्र त्रिकोण मे या लामस्थान मया बलवान् हो तो राज्य लाम, महान् सुख, वस्त्रामूषणों की प्राप्ति, धन धान्य का लाम, स्त्री लाम, बहुत सुख, वाहन, वस्त्र, पशु, मूमि का लाम, स्थान (पदवी या सम्पत्ति) का लाम, पत्रों व मित्रों का सुख, पालकी आदि नरवाहन की प्रापि नीले वस्त्रां के प्रति आकर्षण, नील वस्त्र लाम, काला या गहरे रग का घोड़ा, पश्चिम दिशा की यात्रा, वहाँ कं राजा से मंट, अनेक वाहनों का लाम होता दै।
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