There will be gain of wealth and grains, availability of good sweetish preparations, pleasure of the king (government), happiness from wife and children and other auspicious effects, if Mars be in kendra, trikona, the 11th or the 2nd and be associated with or aspected by benefics.
दायेशाद् रन्प्रभावे वा व्यये वा नीचगेऽपि वा.। पापयुक्तेक्षिते वापि धान्यार्थगृहनाशनम् ।।68।। नानारोगभयं दुःखं नेत्ररोगादि सम्भवः । पूवर्धिं कष्टमधिकमपरार्धे महत्सुखम् ।।69।। दितीयद्यूननाथे तु देहजाडयं मनोरुजः । वृषभस्य प्रदानं तु सर्वसम्पत्प्रदायकम् ।।70।। यदि दशापति से मगल 8.12 माव मे, या नीचगत या पापदृष्टयुत हो तो धन, धान्य व मवनादि का नाश, अनेक रोग, भय, दुःख तथा नेत्र कष्ट होता हे । अन्तर्दशा कं पूर्वार्धं मे बहुत दुःख तथा उत्तरार्धं मेँ सुख होता है । यदि मंगल 2.7 भावेश हो तो मनोविकार शरीर में शिथिलता होती है| शान्ति के लिए सोड या बडे का दान करना चाहिए ।
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