Loss of wealth, fear of premature death, antagonism with wife etc., will be experienced if Venus be the lord of the 2nd or the 7th. The remedial measure to obtain relief from the evil effects is giving a tawny coloured cow or female buffalo in charity.
सूर्यान्तर्दशा फल :- जीवस्यान्तग्ति सूर्ये स्वोच्चे स्वक्षेत्रगेऽपि वा । केन्द्रे वाथ त्रिकोणे वा दुश्चिक्ये लाभग्ऽपि वा ।।50।। धने वा बलसंयुक्ते दायेदवा तथैव च । तत्काले धनलाभः स्याद् राजसम्मानवैभवम् ।।51।। वाहनाम्बरपश्वादि भूषणं पुत्रसम्भवः । मिन्नप्रभुवशाद इष्टं सर्वकार्ये शुभावहम् ।।52।। वृहस्पति दशा मे सूर्य का अन्तर हो तथा सूर्य उच्चगत, सिंहस्थ लग्न या दशेश से केन्द्र में, त्रिकोण मे या 3.2.11 भाव मेहो या बलवान् हो तो तुरन्त धन व्यय, राज सम्मान, वाहग पशु आदि का लाभ, पुत्रजन्म, किसी मित्र राजा की सहायता सब कार्यों मे सफलता मिलती हे ।
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