Premature death may be expected if Mercury be the lord of the 2nd or the 7th. The most effective and beneficial remedial measure for prolongation of longevity and to obtain relief from other evil effects is recitation of Vishnu Sahasranam.
शुभदृष्टे शुभेर्युक्ते दारसौख्यं धनागमः । आदौ शुभं देहसौख्यं वाहनाम्बर लाभकृत् ।।29।। अन्ते तु धनहानिः स्यात्स्वात्मसौख्यं न जायते । दवितीय द्यूननाथे तु ह्यपमृत्युर्भविष्यति ।।30।। तददोषपरिहारार्थ विष्णुसाहस्रकं जपेत् । आयुर्बदिधकरं चैव सर्वसौभाग्यदायकम् ।।31।। यदि बुध शुमयुक्त या दृष्ट हो तो अन्तर्दशा के प्रारम्म में शुम फल वाहन वस्त्रादि का लाम ओर अन्त में हानि होती है। तथा कुछ भी सुख नहीं होता है । यदि बुध 2.7 भावेश हो तो अपमृत्यु का विशेष भय होता है । दोष की शान्ति कं लिए विष्णु सहस्रनाम के पाठ करने से आयु, आरोग्य व सौमाग्यदायक हो जाती है।
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