There will be increase in the number of enemies, loss of enjoyment and comforts, loss in business, affliction with fever and dysentry, if Mercury be aspected by Mars.
बुधान्तर्दशा फल :- जीवस्यान्तगति सौम्ये केन्द्र लाभत्रिकोणगे । स्वोच्चे वा स्वरषगे वापि दशाधिपसमन्विते ।।20।। अर्थलाभो देहसौख्यं राज्यलाभो महत्सुखम् । महाराजप्रसादेन स्वेष्टसिदिधः सुखावहा ।।21।। वाहनाम्बरपश्वादिगोधनैः संकुलं गृहम् । महीसुतेन संदृष्टे शघ्रुवृदिधः सुखक्षयः ।।22।। व्यवसायात्फलं नेष्टं ज्वरातिसारपीडनम् । (7) गुरु दशा में बुधान्तर्दशा हो तथा बुघ 1.4.5.7.9.10.11 माव मर कहीं भी स्वक्षेत्र या उच्चगत या बृहस्पति कं साथ ही स्थित हो तो धनं लाम, शरीर का सुख, राज्यप्राप्ति, बहु सुख, बड़े लोगों की सहायता से इष्टसिदिध, सुख, वाहन, पशु, वस्त्र, गोधन आदि की बहुतायत होती है । (0) यदि बुघ पर मंगल की दृष्टि हो तो शत्रुं की वृदिध, सुख मँ कमी, व्यवसाय मे हानि, ज्वर या अतिसारादि से पीडा होती.है ।
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