THE 7TH LORD: Should the 7th lord be endowed with strength and be conjunct or be aspected by a benefic, the native will be wealthy, honourable, happy and fortunate. Conversely, if the 7th lord is in fall or is combust or is in an enemy's sign, one will acquire sick wives and many wives.
स्त्री-सुख-योग: यदि सप्तमेश स्व-राशि या स्व-उच्च में हो — तो स्त्री-सुख पूर्ण होता है। सप्तमेश यदि बलवान् हो और शुभ-ग्रहों से युक्त या दृष्ट हो — तब भी मनुष्य पत्नी-सुख से सम्पन्न, समर्थ, धनी व सम्मानित होता है। यदि सप्तमेश नीच-राशि में या शत्रु-राशि में, सप्तम-भाव में किसी प्रकार से निर्बल हो — तो उसकी पत्नी रोगिणी होती है तथा उसकी कई स्त्रियाँ होती हैं। यदि सप्तमेश मकर, कुम्भ, वृष, तुला राशि में शुभ-ग्रह से दृष्ट हो — तो मनुष्य की कई स्त्रियाँ होती हैं; यदि सप्तमेश स्वोच्च में हो — तो विशेष व उक्त फल होता है।
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