Danger from the king, fire and thieves, defamation or disgrace and loss of wealth on account of wife, destruction of agricultural lands and cattle etc., will be the results if the Moon be weak, and be in the 6th, the 8th or the 12th from the lord of the Dasa (Mercury).
दायेशात्केन्द्रकोणस्थे दुश्चिक्ये लाभगेऽपि वा । तदभुक्त्यादौ पुण्यतीर्थं स्थान दैवत दर्शनम् ।।31।। _ मनोधर्य दुत्साहो विदेशाद् धनलाभकृत् । दायशात्वष्ठरन्प्रे वा व्यये वा पापसंयुते ।।32।। चौराग्निनृपभीतिश्च स्त्रीसमागमतो भवेत् । दुष्कृतिर्धनहानिश्च कृषिगोऽश्वादिनाशकृत् ।।33।। दशेश से केन्द्र, त्रिकोण, 3.11 मे मी हो तब मी अन्तर्दशा के आरम्म मे पुण्यतीर्था की यात्रा, देवस्थानो कं दर्शन, मन मे धैर्य, हदय मे उत्साह, विदेश से धन लाम होता हे । यदि दशेश से 6.8.12 मेँ या पापयुक्त हो तो चोरभय. राजमय, अग्निमय, स्त्री समागम से कष्ट, पाप कार्य, धनहानि, कृषि, पशु. वाहनादि की हानि होती हे।
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