Bṛhat Parāśara Horā Śāstra
Chapter 24 · atha bhāveśaphalādhyāyaḥ · अथ भावेशफलाध्यायः · Verse 22
Sanskrit · DevanāgarīBṛhat Parāśara Horā Śāstra manuscript tradition
धनेशे कर्मगे जातः कामी मानी च पण्डितः ।
बहुदार्यधनैर्युक्तः किञ्च पुत्रसुखोज्झितः
IAST Transliteration
dhaneśe karmage jātaḥ kāmī mānī ca paṇḍitaḥ | bahudāryadhanairyuktaḥ kiñca putrasukhojjhitaḥ
TranslationsTwo-source verified
English

If the 2nd lord is in the 10th, the native will be libidinous, honourable, learned, will have many wives and much wealth but be bereft of filial happiness.

Hindi

धनेश का द्वादशभाव-फल: (1) लग्नस्थ धनेश से मनुष्य स्वकुटुम्ब से विद्रोह करने वाला, धनी, कठोर हृदय, कामुक, पुत्रवान्‌ तथा दूसरों के काम आने वाला होता है। (2) धनेश धन में ही हो तो मनुष्य गर्वीला, धनी तथा दो या कई पत्नियों वाला (अथवा समयानुसार बड़े परिवार वाला) पुत्रहीन होता है। (3) तृतीयस्थ शुभ धनेश से पराक्रमी, बुद्धिमान्‌, गुणवान्‌, कामी, लोभी होता है। यदि पापी धनेश तृतीयस्थ हो तो (देवताओं की) निन्दा करने वाला होता है। (4) चतुर्थभावस्थ धनेश से सर्वसम्पदाओं का निधान होता है। यदि द्वितीयेश गुरु से युक्त होकर चतुर्थ में उच्चस्थ हो तो मनुष्य राजा के समान होता है। (5) द्वितीयेश पञ्चमस्थ हो तो मनुष्य धनी तथा धनार्जन-तत्पर पुत्रों का पिता होता है। (6) धनेश षष्ठ में हो तथा शुभ-ग्रह से युक्त हो तो शत्रुओं से धनादि लाभ होता है। यदि पापयुक्त हो तो शत्रुओं से हानि व पिण्डलियों में थोडी विकलता (यथासम्भव कमजोरी, पतलापन आदि) होती है। (7) यदि धनेश सप्तम में पाप-ग्रह से युत-दृष्ट हो तो पत्नी व्यभिचारिणी होती है। स्वयं पुरुष भी परस्त्रीरत होता है। प्रायः वैद्यक में रुचि होती है। यदि शुभ-युक्त-दृष्ट हो तो व्यभिचारादि फल नहीं होता। (8) अष्टमस्थ धनेश से मनुष्य बहुत धन-सम्पत्ति वाला, पत्नी-सुख कम पाने वाला तथा बड़े भाई के सुख से रहित होता है। (9) नवमस्थ धनेश से तीर्थ-व्रत-धर्म में रत, कार्य-पटु, बचपन में रोगी, बाद में सुखी तथा सदैव परिश्रम-प्रयत्न करने वाला, धनी होता है। (10) धनेश दशमस्थ हो तो मनुष्य कामी, स्वाभिमानी, विद्वान्‌, बहुत धनी, बड़े परिवार वाला, लेकिन पुत्र-सुख में कमी पाने वाला होता है। (11) एकादशस्थ धनेश से सभी लाभ पाने वाला, सदैव परिश्रमशील, मानी, कीर्ति-युक्त होता है। (12) व्ययस्थ धनेश से साहसी, धनहीन, राजा के निकट से रोजगार कमाने वाला, बड़े पुत्र के सुख से रहित होता है।

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse